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कुर्सी छोड़..! बबाल व्यंग

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व्यंग्य-स्तंभ कुर्सी छोड़..! बबाल “वोट चोर कुर्सी छोड़ : नारे का धुआँ और विपक्ष की फजीहत” (मेरी नज़र से) मेरी आदत है सुबह उठते ही अख़बार के पन्नों में राजनीति का नाश्ता तलाशने की। कभी रोटी महँगी मिल जाती है, कभी गैस सिलेंडर का भाव जलन पैदा कर देता है। लेकिन इस बार जो परोसा गया, उसने तो दिमाग़ का ही तेल निकाल दिया। पहले पन्ने पर मोटे-मोटे अक्षरों में छपा था— “वोट चोर कुर्सी छोड़।” पहली नज़र में लगा जैसे कोई नया मुहल्ले का खेल शुरू हो गया है। बचपन में हमने गली में यही तो चिल्लाया था—“पतंग चोर, डोर छोड़।” फर्क बस इतना है कि अब पतंग की जगह कुर्सी है और बच्चे की जगह नेता। मैंने सोचा, लेखक की किस्मत देखो! जिस देश में बेरोज़गारी और महंगाई पर लिखना चाहिए, वहाँ मुझे नारे का अनुवाद करना पड़ रहा है। “वोट चोर कुर्सी छोड़”—यह नारा सुनते ही मुझे हँसी भी आई और चिंता भी। हँसी इसलिए कि यह सुनने में किसी नुक्कड़ नाटक का डायलॉग लगता है। चिंता इसलिए कि जब विपक्ष का सबसे बड़ा हथियार सिर्फ नारा रह जाए, तो समझ लीजिए राजनीति का स्तर शून्य से भी नीचे जा चुका है। एक लेखक की नज़र से देखूँ तो यह नारा स...

प्रोटीन की बहस – अख़बार बनाम मिडिल क्लास

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प्रोटीन की बहस – अख़बार बनाम मिडिल क्लास अख़बार (गरजती आवाज़ में):-“40 की उम्र होते ही प्रोटीन लेना अनिवार्य है। बादाम, काजू, पिस्ता, फल और दही—ये सब रोज़ की डाइट में शामिल कीजिए। वरना शरीर जल्दी बूढ़ा हो जाएगा।” मिडिल क्लास आदमी (कुर्सी से झटककर उठते हुए):-“अरे हुज़ूर! ज़रा ठहरिए। ये ‘अनिवार्य’ शब्द हमारे लिए गाली जैसा है। EMI अनिवार्य है, बिजली का बिल अनिवार्य है, बच्चों की फीस अनिवार्य है। अब इसमें बादाम भी अनिवार्य कर देंगे क्या?” अख़बार (नाक चढ़ाकर):-“आप समझते क्यों नहीं? प्रोटीन से शरीर मज़बूत होगा, बुढ़ापा दूर रहेगा, हड्डियाँ ताक़तवर होंगी।” मिडिल क्लास (हँसते हुए):-“हड्डियाँ ताक़तवर होंगी? हमारी हड्डियाँ तो हर महीने की किस्तें और जिम्मेदारियाँ पहले से ही उठा रही हैं। आप बताइए, EMI उठाने वाली हड्डियाँ और कितनी मज़बूत चाहिए?” अख़बार (थोड़ा नाराज़ होकर):-“पर देखिए, एक सेब रोज़ खाइए। डॉक्टर भी यही कहते हैं।” मिडिल क्लास (चुटकी लेते हुए):-“साहब, हम तो सेब को बाजार में देखकर ही पेट भर लेते हैं। पत्नी पूछ लेती है—‘सेब कितने के हैं?’ मैं कहता हूँ—‘इतने के कि अब बस बच्चों की...