जन्म का पूर्व निर्धारण
जन्म समय का पूर्व निर्धारण .... ? अब तक दुनिया में सामान्य विधि से ही बच्चे पैदा होते रहे हैं, लेकिन पिछले कुछ दशकों में सिजेरियन ऑपरेशन ने यह तय करना शुरू कर दिया है कि बच्चा किस तारीख को और कितने बजे पैदा होना है। Ashtro-db हालांकि अब तक यह चिकित्सकों की सुविधा पर निर्भर था, लेकिन अब कुछ फाइव स्टार मैटरनिटी अस्पतालों ने इसे अभिभावकों की इच्छा पर आधारित करना शुरू कर दिया है। - यहीं पर ज्योतिष का दखल भी शुरू हुआ। आपने सुना होगा कि रावण ने अपने पुत्र इंद्रजीत के जन्म का समय कुछ इस तरह व्यवस्थित किया कि उसके पुत्र के सभी ग्रह 11वें भाव में आ जाएं। चूंकि 11वां भाव विजय और लाभ का भाव होता है। इस भाव में हर ग्रह अपना शुभ प्रभाव ही देता है। सो रावण के सभी ग्रहों इसी भाव में पहुंचाने की ठान ली। ज्ञान के उस प्रकाण्ड पंडित ने यह कारनामा कर भी दिखाया, लेकिन ऐन वक्त पर शनि ने भाव छोड़ दिया। बाद में इसी शनि के कारण इंद्रजीत, जिसने तीनों लोकों को सहज में ही जीत लिया था, को मृत्यु का आलिंगन करना पड़ा। लोगों में भले ही अपनी संतान को इंद्रजी...