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भगवत गीता ज्ञान

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आओ आरम्भ करें *श्लोक:*  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे ।   हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे ।।  *अनुवाद:* जय श्री कृष्णा ! भगवद गीता को जीवन में एक बार पढ़ना हर सनातनी का सपना होता है, फिर भी बहुत सारे सनातनियो को ये अवसर नहीं मिल पाता है। या फिर में ये कहु की हर सनातनी सही में सनातन धर्म को तब ही जान पाता है जब उसको गीता का ज्ञान प्राप्त हो जाता है।  आज आपको सौभाग्य से भगवद गीता का ज्ञान प्राप्त करने का अवसर मिला है। भगवान् में पूरी निष्ठा और पूरे मन से भगवद गीता को पढ़े।   आप जहां चाहे वहाँ भगवद गीता का पढ़ सकते है। अगर आपको श्लोक पढ़ना मुश्किल लगता है तो श्लोक पढ़ना अनिवार्य नहीं है, बस हर एक श्लोक का अनुवाद ध्यानपूर्वक पढ़े और उसको अच्छे से समझने के लिए तात्पर्य पढ़े।   एक श्लोक का अनुवाद और तात्पर्य पढ़ने के बाद ये अवश्य विचार करे की इस श्लोक से हमें क्या सीख मिलती है। बिना कुछ सीखे केवल पढ़ते जाना न पढ़ने के बराबर ही है, तो जिस भी श्लोक से जो सिखने को मिलता है उसे ग्रहण करे।  भगवद गीता कैसे और कितने दिन में पढ़े?  पहल...

मंगल विश्लेषण

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मंगल किन ग्रहों की युति,किन राशि और किन भावों में शुभ परिणाम देते हैं, कारक वा मारक होने पर क्या प्रभाव होगा साथ ही उनके उपाय आदि सभी विषयों का वैदिक ज्योतिष शास्त्र और खगोलीय आधार पर गूढ़ रहस्यों के साथ शोधात्मक विश्लेषण      मंगल ग्रह वैदिक ज्योतिष में एक महत्वपूर्ण और प्रभावशाली ग्रह माना जाता है। यह साहस, ऊर्जा, क्रोध, युद्ध, नेतृत्व, और शारीरिक शक्ति का कारक है। मंगल की युति, राशि, भाव, और कारक या मारक होने के प्रभावों का विश्लेषण वैदिक ज्योतिष और खगोलीय आधार पर गहनता से करना एक जटिल प्रक्रिया है। मैं इसे क्रमबद्ध, शोधात्मक और गूढ़ रहस्यों के साथ प्रस्तुत करूंगा। 1. मंगल का वैदिक ज्योतिष और खगोलीय आधार     वैदिक ज्योतिष में मंगल: मंगल को "भूमिपुत्र" कहा जाता है क्योंकि यह पृथ्वी का निकटतम ग्रह है और इसका प्रभाव पृथ्वी पर तीव्रता से पड़ता है। यह मेष और वृश्चिक राशि का स्वामी है, कर्क में नीच और मकर में उच्च होता है।        खगोलीय आधार: मंगल एक लाल ग्रह है, जिसका रंग लोहे के ऑक्साइड (रस्ट) के कारण है। यह सूर्य से चौथा ग्रह है औ...

वशीकरण भाग-2

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वशीकरण भा-2 आज भी अलग अलग उम्र की महिलाएं हैं जो वशीकरण के लिए बहुत कुछ लुटा चुकी हैं. कई महिलाओ और जवान बहनो ने तो अपना घर और पैसा और शरीर तक इस फेर में बर्बाद कर लिया वही वो अपनों की नजरों में तो गिरी ही समाज में भी बेज्जती का सामना करना पड़ा ऐसी कई महिलाये और लड़कियां हैं जो मेरे पास भी आई और अपनी आपवीती सुनाई जिससे पता चलता हैं कि कुछ लोग ज्योतिष का स्वांग रच कर लुभावने विज्ञापन सोशल मिडिया और व्हाट्सप्प ग्रुप पर भेज कर कैसे अपने जाल में फंसा लेते हैं... ऐसे लोग समाज को तो बर्वाद कर ही रहें हैं और ज्योतिष विद्या की प्रमाणिकता का मजाक भी बना रहें हैं जिसके चलते परेशान जातक जातिका ऐसे ढोंगी ज्योतिषीयों और तांत्रिक के फेर में फंस कर सही जानकार को भी उसी गिनती में गिनने लगते हैं. असली नकली की पहचान 1. सही और अनुभवी ज्योतिष कभी भी फ्री सेवा नहीं देगा. 2. वो किसी भी जातक की कुंडली का विश्लेषण करने में कम से कम 3 से 5 दिन का समय लेगा क्योंकि तातत्काल में किसी भी कुंडली का विश्लेषण 1 या 2 दिन में नहीं किया जा सकता हैं. 3. मंत्र साधना में भी नियम लागू होते हैं कोई भी मंत्र 11,21,5...