भगवत गीता ज्ञान
आओ आरम्भ करें *श्लोक:* हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे । हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे ।। *अनुवाद:* जय श्री कृष्णा ! भगवद गीता को जीवन में एक बार पढ़ना हर सनातनी का सपना होता है, फिर भी बहुत सारे सनातनियो को ये अवसर नहीं मिल पाता है। या फिर में ये कहु की हर सनातनी सही में सनातन धर्म को तब ही जान पाता है जब उसको गीता का ज्ञान प्राप्त हो जाता है। आज आपको सौभाग्य से भगवद गीता का ज्ञान प्राप्त करने का अवसर मिला है। भगवान् में पूरी निष्ठा और पूरे मन से भगवद गीता को पढ़े। आप जहां चाहे वहाँ भगवद गीता का पढ़ सकते है। अगर आपको श्लोक पढ़ना मुश्किल लगता है तो श्लोक पढ़ना अनिवार्य नहीं है, बस हर एक श्लोक का अनुवाद ध्यानपूर्वक पढ़े और उसको अच्छे से समझने के लिए तात्पर्य पढ़े। एक श्लोक का अनुवाद और तात्पर्य पढ़ने के बाद ये अवश्य विचार करे की इस श्लोक से हमें क्या सीख मिलती है। बिना कुछ सीखे केवल पढ़ते जाना न पढ़ने के बराबर ही है, तो जिस भी श्लोक से जो सिखने को मिलता है उसे ग्रहण करे। भगवद गीता कैसे और कितने दिन में पढ़े? पहल...