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ज्योतिष में संभोग के सूत्र

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 ज्योतिष में सम्भोग के सूत्र  वैदिक ज्योतिष शास्त्रों में सम्भोग का गहरा नाता हैं सम्भोग के समय के बारे में कुछ विशिष्ट निर्देश दिए गए हैं। इन निर्देशों का उद्देश्य शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बनाए रखना है, साथ ही साथ आध्यात्मिक और नैतिक मूल्यों को भी बढ़ावा देना है। वैदिक ज्योतिष शास्त्रों के अनुसार सम्भोग का सही समय - *रात्रि का समय*: वैदिक शास्त्रों में रात्रि के समय सम्भोग करने की सलाह दी गई है। यह समय शारीरिक और मानसिक रूप से आराम और शांति के लिए उपयुक्त माना जाता है। - *निषिद्ध समय*: कुछ विशिष्ट समयों पर सम्भोग करने से बचना चाहिए, जैसे कि: - दिन के समय - सूर्योदय और सूर्यास्त के समय - ग्रहण के समय - पर्वों और त्योहारों के समय - विशेष धार्मिक अनुष्ठानों के समय अन्य महत्वपूर्ण बातें - *शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य*: सम्भोग के लिए शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखना महत्वपूर्ण है। - *सहमति और सम्मान*: सम्भोग के लिए दोनों पक्षों की सहमति और सम्मान आवश्यक है। - *आयुर्वेदिक दृष्टिकोण*: आयुर्वेद में भी सम्भोग के समय और तरीके के बारे में विशिष्ट निर्देश दिए ग...

विवाह

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विवाह कब होगा यह प्रश्न बहुत से लोग पूछते है । आपकी कुंडली मे यह सब डिसाईड हो चुका है विवाह कब होगा, किससे होगा, कहा होगा। वैवाहिक जीवन कैसा रहेगा। जब आप विवाह करते है उसके पहले आप लड़के व लड़की की कुंडली मिलान करते है यदि 18 से 36 गुण के बीच यदि गुण मिल जाते है तो आप विवाह कर देते हो। मगर उसके बाद तलाक क्यो हो जाता है, पति या पत्नी में से कोई एक कि मृत्यु हो जाती है विवाह के कुछ दिनों या महीनों बाद या तलाक नही होता है बस दूर रहते है दोनो कई सालों तक फिर साथ रहने लगते है । आख़िर ऐसा क्यों होता है हम आज ही इन सभी का कारण बता सकते है। बिना वजह जीवन मे कोई घटना घटित नही हो सकती। विवाह की बात पक्की हो गई पत्रिका बट गई, बैड बाजे , गार्डन सभी बुक हो गए फिर विवाह के 7 दिन पहले लड़के ने विवाह करने से क्यों मना कर दिया। यह सत्य घटना है । इस लड़के को मैंने बोल दिया था आपका विवाह राहु की दशा में नही होगा क्योंकि राहु विवाह करवाने के पक्ष में नही है और आपका विवाह गुरु की महादशा में होगा क्योंकि गुरु ने विवाह की जिम्मेदारी पहले से ले रखी थी। इसलिए राहु ने अपना वादा पूरा किया और गुरु ने भी ...