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पितृ कृपा

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द्वादश भाव (पितृ ऋण या वरदान) पिछली पोस्ट पर जब द्वादश भाव और ऊर्ध्व लोकों की ओर पितृ लोक, पितर ऋण, दैवीय कृपा के रूप में बताया तो आप सभी के बहुत से प्रश्नों की लड़ी लग गई.... उसी बात को स्पष्ट करते हुए... हम आगे की वार्ता शुरू करते हैं.. सबसे पहले ऐसे लोग कन्फ्यूज न हों जिनके द्वादश भाव में एक से अधिक ग्रह बैठे हों...तो क्या होगा, अनेकों प्रकार के प्रश्न.. कि मैं मोक्ष पा पाऊंगा या नहीं.. अरे...!! इतना सरल थोड़ी है मोक्ष पाना पर दूसरी तरफ से देखा जाए तो सरलता ही मोक्ष का साधन है चलिए यहीं से आरंभ करें यदि द्वादश भाव में एक से अधिक ग्रह हैं तो जातक का क्या होगा..?? जैसे ग्रह वैसे उसकी हैसियत और वैसा ही उसका पेंडिंग कर्म होता है... अब जैसे आपने जन्म लिया और आपने अच्छे कर्म किए खूब दान पुण्य पुरुषार्थ किया.. पर मनुष्य जीवन मिला ही इसलिए है ताकि हम खोज सकें अपने कर्म जो अधूरे हैं उनको पूरा कर सकें और इस संसार में रहते हुए निर्लिप्त रहकर मोक्ष को प्राप्त कर सकें... अब मोक्ष सुनने में तो बहुत आध्यात्मिक शब्द लग रहा है और है भी पर नीरस बिलकुल नहीं..आप सोचते हैं यहां धरती भू लोक क...

कैसे उतरेगा कर्ज

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👉आजकल कोई भी कुंडली दिखाता हैं तो दो ही बात बोलता हैं की मेरा काम ठीक नी चल रहा हैं, शुरू करते हैं कुछ दिन बाद बंद हों जाता हैं, दूसरा की हमारे ऊपर कर्ज बहुत हैं छोटे छोटे खर्चो से शुरू हुआ कर्ज कब बडा हों गया पता ही नहीं, बहुत से लोग कहते हैं की हमने कर्ज उतरवाने के लिए बड़ी बड़ी पूजा करवा ली लेकिन कोई लाभ नहीं हुआ उल्टा मानसिक परेशानी और बढ़ गई । कुछ ने तो ऑनलाइन पूजा के लिए पेंसे दिए पूजा भी कराई हैं कुछ ने बोला की पंडित जी ने बोला आप के नाम से हम फलानी जगह पूजा करेंगे सामग्री के लिए पेंसे डालो पहले कम फिर थोड़ा ज्यादा फिर और बस फिर क्या न पंडित मिला न फल मिला पेंसे भी गए ऐसे पंडितों को भूल ही जाओ। आखिर ऐसा क्यों होता हैं एक तो दुखी ऊपर से धोखा सच ये हैं की ऐसी कोई पूजा नहीं बनी जो कर्ज़ा दूर करदे लेकिन  ( धन भाव की पूजा करके धन बढाया जा सकता है )  समझदार विद्वान एक ही बात बोलता हैं की ज़ब तक़ जातक की आमदनी मे इज़ाफा न हों धन आने के रास्ते न बने ओर जो काम करता हैं उसमे लाभ ना बढ़े तबतक कर्ज़ा कैसे चुकायेगा भाई ज़ब आमदनी मे बढ़ोतरी होंगी तो ही लोन की किस्त या ब्याज की रकम...

राशि फल फलित क्यों नहीं होते हैं

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कॉफी लोग यू ट्यूब और न्यूज़ चैनल और न्यूज़ पेपर पर आओ ज्योतिष एप्प पर अपना राशिफल देखते हैं लेकिन वह कभी भी सटीक नहीं होता उसकी सबसे बड़ी वजह क्या होती है चलिए आज वह बताते हैं पोस्ट को ध्यान से पढ़ें,, 1, सबसे पहली बात तो यह है कि वह जो राशिफल बताते हैं वह भावों के हिसाब से और भावों के मालिकों के हिसाब से बताते हैं। जबकि अच्छे या बुरे फल हमें भावों में आने वाले नक्षत्र से मिलते हैं और नक्षत्र की ही महादशा ही चल रही होती है।  आपके सामने उदाहरण के तौर पर मेष राशि को ले रहा हूं मान लो कि आपकी मेष राशि है जो केतु के नक्षत्र के पहले चरण से शुरू होती हैं। सीधी सी बात है कि जिस नक्षत्र में जन्म हुआ है सबसे पहले उसे ग्रह की महादशा होगी।  और आपको यह भी पता है कि केतु की महादशा कितने वर्ष की होती है अगर जातक की उम्र 7 साल से कम है तो उसकी केतु की महादशा चल रही होगी।  अगर जातक की उम्र 7 साल से 27 साल के बीच है तो सीधी सी बात है उसकी शुक्र की महादशा चल रही होगी।  अगर 27 से ऊपर 30,32 साल के आसपास है तो उसकी लगभग सूर्य की महादशा चल रही होगी।  अब सोचने की बात यह...